श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर, चुराचांदपुर – मणिपुर का वैष्णव धाम

श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर, चुराचांदपुर – मणिपुर का वैष्णव धाम

श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर, चुराचांदपुर (मणिपुर) – प्रस्तावना

मणिपुर जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध राज्य में स्थित श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर, चुराचांदपुर एक ऐसा वैष्णव मंदिर है, जहाँ भक्ति, शांति और सरल साधना का अनुभव मिलता है। यह मंदिर टिपाईमुख रोड पर स्थित है और स्थानीय हिंदू समाज के लिए भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

यहाँ की उपासना परंपरा शांत, मर्यादित और भावप्रधान है, जो भक्तों को आंतरिक सुकून प्रदान करती है।

श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर का परिचय

श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर चुराचांदपुर ज़िला, मणिपुर (PIN 795128) में स्थित है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण (गोविंद) और श्रीमती राधारानी को समर्पित है।

चुराचांदपुर क्षेत्र में यह मंदिर वैष्णव परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है और नियमित पूजा, भजन तथा पर्वों के माध्यम से धार्मिक चेतना को जीवंत रखता है।

श्री राधा–गोविंद का धार्मिक महत्व

वैष्णव परंपरा में राधा–गोविंद का स्वरूप:

  • प्रेम और भक्ति का सर्वोच्च आदर्श माना जाता है

  • आत्मा और परमात्मा के दिव्य संबंध का प्रतीक है

  • निष्काम भक्ति और समर्पण की प्रेरणा देता है

माना जाता है कि राधा–गोविंद की उपासना से:

  • मन में शांति और संतुलन आता है

  • भक्ति भाव प्रबल होता है

  • जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है

ऐतिहासिक और सामाजिक पृष्ठभूमि

इस मंदिर का इतिहास मुख्यतः स्थानीय वैष्णव समुदाय से जुड़ा हुआ माना जाता है। उपलब्ध स्थानीय जानकारी और परंपरागत मान्यताओं के अनुसार:

  • मंदिर की स्थापना क्षेत्र में बसे हिंदू श्रद्धालुओं द्वारा की गई

  • समय के साथ यह मंदिर सामुदायिक पूजा स्थल के रूप में विकसित हुआ

  • यह मंदिर मणिपुर की धार्मिक विविधता में वैष्णव परंपरा की उपस्थिति को दर्शाता है

हालाँकि मंदिर से जुड़े लिखित ऐतिहासिक अभिलेख सीमित हैं, फिर भी इसकी धार्मिक महत्ता स्थानीय आस्था से प्रमाणित होती है।

पूजा-पद्धति और दैनिक उपासना

श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर में पूजा वैष्णव विधि से की जाती है:

  • प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पूजा

  • भोग अर्पण और आरती

  • भजन-कीर्तन और नामस्मरण

  • विशेष तिथियों पर सामूहिक भक्ति कार्यक्रम

यह विवरण केवल धार्मिक-सांस्कृतिक जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत है।

जन्माष्टमी और प्रमुख पर्व

मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। इस अवसर पर:

  • मंदिर को सादगीपूर्ण सजावट से सजाया जाता है

  • भजन-कीर्तन और कथा का आयोजन होता है

  • श्रद्धालु सामूहिक रूप से उपवास और आराधना करते हैं

इसके अतिरिक्त वैष्णव परंपरा से जुड़े अन्य पर्व भी श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं।

मंदिर तक कैसे पहुँचें

पूरा पता:
टिपाईमुख रोड, चुराचांदपुर, मणिपुर – 795128

  • निकटतम हवाई अड्डा: इम्फाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

  •  इम्फाल से सड़क मार्ग द्वारा चुराचांदपुर पहुँचा जा सकता है

  •  स्थानीय बस और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध

आध्यात्मिक अनुभव

भक्तों के अनुसार, इस मंदिर में दर्शन करने से:

  • मन को शांति और स्थिरता मिलती है

  • भक्ति भाव प्रबल होता है

  • सामूहिक कीर्तन से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है

यह मंदिर दिखावे से दूर, सरल और सच्ची वैष्णव भक्ति का प्रतीक है।

निष्कर्ष

श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर, चुराचांदपुर (मणिपुर) वैष्णव परंपरा का एक शांत और श्रद्धापूर्ण केंद्र है। यह मंदिर स्थानीय समाज की आस्था, सांस्कृतिक पहचान और भक्ति परंपरा को सहेजकर रखता है।

यदि आप मणिपुर की आध्यात्मिक यात्रा पर हों, तो इस मंदिर के दर्शन अवश्य करें।

(Official Website: फिलहाल श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर, चुराचांदपुर का कोई आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध नहीं है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय मंदिर समिति या मंदिर स्थल पर संपर्क किया जा सकता है।)

Image Disclaimer:
इस लेख में प्रयुक्त चित्र मंदिर की सामान्य वास्तुकला, वातावरण और धार्मिक भावना को दर्शाने हेतु उपयोग किए गए हैं। ये चित्र illustrative / representational हो सकते हैं। वास्तविक संरचना, रंग, सजावट या दृश्य समय एवं परिस्थिति के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। सभी चित्र केवल सूचना एवं धार्मिक-सांस्कृतिक संदर्भ के उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं, न कि किसी आधिकारिक या प्रमाणिक दावा के रूप में।

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