पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू – विश्व का सबसे पवित्र शिव धाम

पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू – विश्व का सबसे पवित्र शिव धाम

पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू – प्रस्तावना

नेपाल की राजधानी काठमांडू के हृदय में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि शैव परंपरा, जीवन–मृत्यु दर्शन और सनातन संस्कृति का वैश्विक केंद्र है। बागमती नदी के तट पर अवस्थित यह मंदिर भगवान शिव के पशुपति स्वरूप को समर्पित है और विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।

पशुपतिनाथ मंदिर का संक्षिप्त परिचय

  • स्थान: काठमांडू, नेपाल (बागमती नदी के तट पर)

  • देवता: भगवान शिव (पशुपति)

  • धर्म/परंपरा: हिंदू – शैव

  • मान्यता: विश्व के सर्वाधिक पवित्र शिव मंदिरों में से एक

  • UNESCO: World Heritage Site (1979), काठमांडू वैली का हिस्सा

इतिहास

  • मंदिर का प्राचीन इतिहास लिच्छवि काल (लगभग 5वीं शताब्दी) से जोड़ा जाता है।

  • वर्तमान मुख्य संरचना विभिन्न मध्यकालीन पुनर्निर्माणों का परिणाम है।

  • नेपाल में यह मंदिर राजकीय संरक्षण में रहा है; आज इसका प्रबंधन Pashupati Area Development Trust (PADT) करता है।

  • पशुपतिनाथ को नेपाल का राष्ट्रीय देवस्थल माना जाता है।

स्थापना-वर्ष पर विद्वानों में मतभेद हैं; इसलिए किसी एक निश्चित वर्ष का दावा नहीं किया जाता, यही तथ्यात्मक और सुरक्षित तरीका है।

वास्तुकला और मंदिर परिसर

  • शैली: नेपाली पैगोडा

  • छत: तांबे की, ऊपर से स्वर्ण-मढ़ित

  • गर्भगृह: चांदी के द्वार; भीतर मुखलिंग (चार दिशाओं में मुख; पाँचवाँ अदृश्य)

  • परिसर: अनेक छोटे मंदिर, आश्रम, धर्मशालाएँ, साधु-निवास और घाट

पशुपति (शिव) का विशेष स्वरूप

  • पशुपति = समस्त प्राणियों के स्वामी

  • यहाँ का शिवलिंग मुखलिंग है, यह करुणा, संहार और संरक्षण के संतुलन का प्रतीक माना जाता है।

  • यह स्वरूप शैव दर्शन में जीव–ईश्वर संबंध को दर्शाता है।

बागमती नदी और अंतिम संस्कार

  • मंदिर के समीप बागमती नदी के घाटों पर हिंदू अंतिम संस्कार होते हैं।

  • यह परंपरा काशी (वाराणसी) की तरह मोक्ष-धारणा से जुड़ी मानी जाती है।

  • यह जानकारी धार्मिक-सांस्कृतिक तथ्य के रूप में दी जाती है, किसी निर्देश या प्रोत्साहन के रूप में नहीं।

पूजा-पद्धति और आरती

  • दैनिक अभिषेक: जल, दूध, बेलपत्र

  • सांझ की आरती: अत्यंत प्रसिद्ध; भक्तिमय वातावरण

  • सोमवार: विशेष भीड़

  • महाशिवरात्रि: सबसे बड़ा पर्व

    • लाखों श्रद्धालु

    • नागा साधुओं की उपस्थिति

    • 24×7 भजन-कीर्तन

प्रवेश नियम (महत्वपूर्ण)

  • गर्भगृह में प्रवेश: केवल हिंदू श्रद्धालुओं को

  • अन्य आगंतुक: बाहरी परिक्रमा, घाट और आसपास के मंदिर देख सकते हैं

  • नियम मंदिर परंपरा व सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार हैं।

सांस्कृतिक और वैश्विक महत्व

  • पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू  भारत, नेपाल ही नहीं, बल्कि श्रीलंका, बांग्लादेश सहित विश्वभर के शैव भक्तों का प्रमुख तीर्थ है।

  • यह स्थल धार्मिक सह-अस्तित्व और जीवन–मृत्यु दर्शन का जीवंत उदाहरण है।

कैसे पहुँचें

  • एयरपोर्ट: त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (≈ 5 किमी)

  • शहर से: टैक्सी/लोकल वाहन आसानी से उपलब्ध

  • सर्वोत्तम समय: सुबह की पूजा या संध्या आरती

ऑफिशियल वेबसाइट और विकिपीडिया

निष्कर्ष

पशुपतिनाथ मंदिर, काठमांडू शैव परंपरा का वह केंद्र है जहाँ भक्ति, दर्शन और परंपरा एक साथ सजीव होती हैं। इसकी आरती, घाट और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को गहरा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।

Image Disclaimer:
इस लेख में प्रयुक्त पशुपतिनाथ मंदिर (काठमांडू) की तस्वीर प्रतीकात्मक/illustrative है। यह छवि मंदिर की वास्तुकला और धार्मिक वातावरण को दर्शाने के उद्देश्य से उपयोग की गई है। वास्तविक दृश्य, रंग, भीड़, संरचना और परिवेश समय, मौसम और स्थान के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। किसी प्रकार का आधिकारिक या ऐतिहासिक दावा अभिप्रेत नहीं है।

| शर्मा जी की यात्रा |

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