त्रिपुरा सुंदरि शक्तिपीठ उदयपुर – माताबाड़ी का राजराजेश्वरी धाम

त्रिपुरा सुंदरि शक्तिपीठ उदयपुर – माताबाड़ी का राजराजेश्वरी धाम

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ का परिचय

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ उत्तर-पूर्व भारत के राज्य त्रिपुरा के उदयपुर नगर के समीप स्थित एक प्राचीन और प्रतिष्ठित शक्तिपीठ माना जाता है। यह मंदिर देवी त्रिपुरा सुंदरी (राजराजेश्वरी) से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं, ऐतिहासिक विरासत और विशिष्ट स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है। त्रिपुरा की धार्मिक परंपरा में इस शक्तिपीठ को विशेष स्थान प्राप्त है।

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ की भौगोलिक स्थिति

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ उदयपुर शहर से लगभग 3–5 किलोमीटर की दूरी पर एक पहाड़ी क्षेत्र में स्थित माना जाता है।
यह स्थान अगरतला से लगभग 55 किलोमीटर दूर है और शिलांग–अगरतला मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ है।

मंदिर के समीप स्थित विशाल सरोवर इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ाता है, जिसमें जलीय जीवों की उपस्थिति देखी जाती है।

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ से जुड़ी पौराणिक मान्यताएँ

पौराणिक ग्रंथों और लोकपरंपराओं के अनुसार, इस स्थल को माता सती से संबंधित कथाओं से जोड़ा जाता है।
ऐसा माना जाता है कि यहाँ देवी त्रिपुरा सुंदरी की उपासना प्राचीन काल से होती आ रही है और भैरव स्वरूप के साथ देवी की पूजा का उल्लेख मिलता है।

देवी को राजराजेश्वरी नाम से भी जाना जाता है। ये सभी विवरण धार्मिक विश्वास और पौराणिक परंपराओं पर आधारित हैं।

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ का ऐतिहासिक महत्व

इतिहासकारों और स्थानीय परंपराओं के अनुसार, त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ का निर्माण 16वीं शताब्दी में त्रिपुरा के माणिक्य राजवंश के शासक द्वारा कराया गया था।
समय-समय पर इस मंदिर का संरक्षण और नवीनीकरण किया गया, जिससे इसकी ऐतिहासिक पहचान बनी रही।

आज यह मंदिर त्रिपुरा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ की वास्तुकला

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ की वास्तुकला इसे अन्य शक्तिपीठों से अलग पहचान देती है।
यह मंदिर बौद्ध स्थापत्य शैली से प्रभावित गुंबदाकार संरचना के साथ निर्मित माना जाता है, जबकि इसकी धार्मिक परंपरा हिंदू देवी-उपासना से जुड़ी है।

  • वर्गाकार गर्भगृह

  • पहाड़ी पर स्थित मंदिर परिसर

  • समीप स्थित पवित्र सरोवर

ये सभी तत्व मंदिर को स्थापत्य की दृष्टि से विशिष्ट बनाते हैं।

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ दर्शन समय

  • सामान्यतः प्रातः 4 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक दर्शन संभव माने जाते हैं

  • सभी दिनों में दर्शन समय लगभग समान रहता है

  • नवरात्रि जैसे पर्वों पर विशेष व्यवस्था की जाती है

(दर्शन समय स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति के अनुसार परिवर्तित हो सकता है)

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ कैसे पहुँचें

  • निकटतम हवाई अड्डा: अगरतला

  • सड़क मार्ग: उदयपुर बस स्टैंड से लगभग 5 किमी

  • टैक्सी और ऑटो की सुविधा उपलब्ध

मंदिर तक पहुँचने के लिए अंतिम हिस्से में थोड़ी पैदल चढ़ाई भी हो सकती है।

यात्रा के लिए उपयुक्त समय

  • अक्टूबर से मार्च: मौसम अनुकूल

  • नवरात्रि और अन्य पर्व: विशेष धार्मिक गतिविधियाँ

  • मानसून में क्षेत्र की हरियाली आकर्षक मानी जाती है

यात्रा से जुड़े सुझाव

  • पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आरामदायक जूते पहनना उपयोगी रहता है

  • मंदिर परिसर और सरोवर क्षेत्र में स्वच्छता व मर्यादा बनाए रखें

  • स्थानीय नियमों और परंपराओं का सम्मान करें

निष्कर्ष

त्रिपुरा सुंदरी शक्तिपीठ त्रिपुरा की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। यह शक्तिपीठ पौराणिक मान्यताओं, विशिष्ट स्थापत्य और शांत वातावरण के कारण श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए विशेष आकर्षण रखता है।

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