वैगई नदी – मदुरै की आत्मा पवित्र धारा

वैगई नदी – मदुरै की आत्मा पवित्र धारा

वैगई नदी का परिचय

वैगई नदी की भौगोलिक स्थिति

वैगई नदी वेस्टर्न घाट के पूर्वी ढलान से निकलती है।
वहीं गंधमानायक्कनुर क्षेत्र से उद्गम लेती है।
इसके अलावा २५८ किलोमीटर लंबी यात्रा कर बंगाल की खाड़ी में मिलती है।

परिणामस्वरूप मदुरै को कृषि समृद्धि प्रदान करती है।
साथ ही सूरुलियारु, मुल्लैयारु प्रमुख सहायक नदियाँ हैं।
विशेष रूप से वैगई बांध कृषि सिंचाई का केंद्र है।

वैगई नदी का पौराणिक महत्व

वैगई नदी में मीना‍क्षी विवाह

पुराणों के अनुसार मीना‍क्षी माता का शिव से विवाह वैगई तट पर हुआ।
कहा जाता है चित्रिराई महोत्सव में कल्लाझागर वैगई में स्नान करते।
मान्यता है नदी ने स्वयं विवाह मार्ग प्रशस्त किया।

इसलिए तमिल संगम काव्य में कृष्णमाला के नाम से पूजी जाती।
इसके अलावा तिरुविलैयाडल पुराण में विस्तृत कथा है।
अंततः देवी धारा के रूप में आराध्य है।

वैगई नदी का ऐतिहासिक महत्व

वैगई नदी के तट पर पांड्य साम्राज्य

प्राचीन काल से पांड्य राजाओं का उद्गम स्थल रही।
वहीं दूसरी ओर चोल, विजयनगर साम्राज्यों ने संरक्षण दिया।
परिणामस्वरूप मदुरै संगम साहित्य का केंद्र बना।

स्पष्ट रूप से ब्रिटिश काल में वैगई बांध निर्माण हुआ।
साथ ही मुल्लापेरियार विवाद का केंद्र रही।
अंत में तमिल सभ्यता की धरोहर बनी।

वैगई नदी की धार्मिक मान्यता

वैगई नदी में स्नान फल

पुराणों के अनुसार वैगई स्नान पाप नाशक है।
कहा जाता है चित्रिराई उत्सव में कल्लाझागर आगमन पुण्यकारी।
मान्यता है मीना‍क्षी मंदिर तालाब वैगई जल से पोषित।

इसलिए भक्त नदी आरती करते हैं।
इसके अलावा थेरथुंडी अम्मन पूजा विशेष।
अंततः तमिल भक्ति का प्रतीक बनी।

वैगई नदी यात्रा स्थल

वैगई नदी तट घाट दर्शन

मीना‍क्षी अम्मन मंदिर अवश्य दर्शन करें।
वहीं कल्लाझागर विवाह उत्सव देखें।
इसके अलावा थेरथुंडी अम्मन स्नान घाट।

परिणामस्वरूप चित्रिराई महोत्सव में वैगई स्नान।
साथ ही वट्टापराई जलप्रपात भ्रमण।
विशेष रूप से पर्थामराई कुलम तीर्थ।

वैगई नदी कैसे पहुँचें

वैगई नदी तीर्थ यात्रा मार्ग

स्पष्ट रूप से मदुरै हवाई अड्डा निकटतम है।
वहीं दूसरी ओर मदुरै जंक्शन रेलवे स्टेशन सुगम।
इसके अलावा कोयंबटूर, त्रिची बस मार्ग।

परिणामस्वरूप नदी घाट पैदल पहुँच।
साथ ही स्थानीय ऑटो रिक्शा उपलब्ध।
अंत में उत्सव काल में विशेष बस।

वैगई नदी के आसपास स्थल

वैगई नदी क्षेत्र पर्यटन

मीना‍क्षी मंदिर दर्शन अनिवार्य।
वहीं तिरुमलाई नायक महल देखें।
इसके अलावा गजानन फोटो स्टूडियो संग्रहालय।

परिणामस्वरूप थिरुप्पारंकुंड्रम मुरुगन मंदिर।
साथ ही नायक्कर महल परिसर।
विशेष रूप से चित्रिराई उत्सव अनुभव।

वैगई नदी यात्रा समय

वैगई नदी सर्वोत्तम मौसम

अप्रैल चित्रिराई महोत्सव आदर्श।
वहीं दूसरी ओर अक्टूबर-फरवरी सुहावना मौसम।
इसके अलावा नवरात्रि विशेष उत्सव।

परिणामस्वरूप मानसून में जलप्रपात सौंदर्य।
साथ ही ग्रीष्म प्रातः स्नान।
अंततः उत्सव अनुसार योजना।

वैगई नदी यात्रा सुझाव

वैगई नदी भक्तों के लिए

चित्रिराई पूर्व होटल बुकिंग करें।
वहीं वैगई स्नान स्वास्थ्य सलाह लें।
इसके अलावा पारंपरिक तमिल भोजन चखें।

परिणामस्वरूप पूर्ण यात्रा अनुभव होगा।
साथ ही स्थानीय परंपरा सम्मान करें।
अंततः मीना‍क्षी भक्ति लें।


महत्वपूर्ण संसाधन

आंतरिक संसाधन:

बाहरी संसाधन:

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