श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर – शिव-शक्ति के संयुक्त स्वरूप का पावन ग्रामदेवता धाम

श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर – शिव-शक्ति के संयुक्त स्वरूप का पावन ग्रामदेवता धाम

श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर, चोडावरम (आंध्र प्रदेश)

इतिहास, पौराणिक संदर्भ, वास्तुकला, धार्मिक परंपराएँ और यात्रा जानकारी

परिचय

श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम ज़िले के चोडावरम मंडल में स्थित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप को समर्पित है, जिसे धार्मिक परंपराओं में “गौरी-परमेश्वर” कहा जाता है। स्थानीय परंपराओं और क्षेत्रीय इतिहास में इस मंदिर का उल्लेख एक महत्वपूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में मिलता है।

स्थानीय जनमान्यताओं के अनुसार मंदिर की परंपरा कई शताब्दियों पुरानी मानी जाती है। यहाँ स्थापित शिवलिंग को स्वयंभू कहा जाता है—अर्थात धार्मिक विश्वास के अनुसार यह मानव-निर्मित स्थापना नहीं मानी जाती। ऐसी मान्यताओं को लोक-आस्था और परंपरा के संदर्भ में देखा जाता है।

दर्शन समय

मंदिर में प्रतिदिन दर्शन की व्यवस्था स्थानीय परंपराओं के अनुसार रहती है।
प्रातः: लगभग 6:00 बजे से
रात्रि: लगभग 9:00 बजे तक

त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय में परिवर्तन संभव है, जिसके लिए श्रद्धालुओं को स्थानीय मंदिर प्रशासन की सूचना का पालन करना उपयुक्त माना जाता है।

इतिहास

(लोक-आस्था के अनुसार)
स्थानीय कथाओं और जनश्रुतियों में बताया जाता है कि प्राचीन काल में इस क्षेत्र के शासकों और श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर का संरक्षण किया गया। समय-समय पर मंदिर में जीर्णोद्धार और रख-रखाव के कार्य होते रहे, जिससे इसकी धार्मिक गतिविधियाँ निरंतर चलती रहीं। उपलब्ध स्थापत्य संकेत और परंपराएँ इसके प्राचीन स्वरूप की ओर संकेत करती हैं।

पौराणिक संदर्भ

धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में शिव-शक्ति के संयुक्त स्वरूप को सृष्टि में संतुलन का प्रतीक माना गया है। इस मंदिर से जुड़ी कथाएँ लोक-आस्था और क्षेत्रीय परंपरा का हिस्सा हैं। इन्हें ऐतिहासिक तथ्य के बजाय धार्मिक-सांस्कृतिक विश्वास के रूप में समझा जाता है।

वास्तुकला विशेषताएँ

मंदिर की संरचना में द्रविड़ शैली के तत्व दिखाई देते हैं।

  • गर्भगृह में स्वयंभू शिवलिंग

  • मंडप और प्रादक्षिणा पथ

  • गोपुरम में पारंपरिक शिल्पांकन

  • परिसर में जल टैंक और सहायक मंडप

ये सभी तत्व क्षेत्रीय स्थापत्य परंपराओं को दर्शाते हैं।

मुख्य देवता एवं अन्य प्रतिमाएँ

मुख्य देवता: गौरी परमेश्वर स्वामी (शिव-पार्वती का संयुक्त स्वरूप)
इसके अतिरिक्त परिसर में नंदी महाराज, गणेश तथा अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ स्थापित हैं, जो स्थानीय धार्मिक परंपराओं का हिस्सा हैं।

पूजा परंपराएँ और दैनिक गतिविधियाँ

मंदिर में पूजा-अर्चना वैदिक और स्थानीय परंपराओं के अनुसार की जाती है।

  • प्रातः एवं संध्या आरती

  • नियमित मंत्रोच्चारण

  • पर्वों के समय विशेष धार्मिक आयोजन

इन गतिविधियों का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं का निर्वाह और सांस्कृतिक निरंतरता बनाए रखना है।

प्रमुख पर्व और आयोजन

  • महाशिवरात्रि

  • श्रावण मास

  • नवरात्रि

  • कार्तिक मास

इन अवसरों पर मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रहती है।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

धार्मिक परंपराओं में इस मंदिर को क्षेत्रीय आस्था का केंद्र माना जाता है। यहाँ होने वाले उत्सव, भजन-कीर्तन और सामुदायिक गतिविधियाँ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखती हैं।

स्थान और पहुँच

पूरा पता:
श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर,
चोडावरम टाउन, चोडावरम मंडल,
विशाखापत्तनम ज़िला, आंध्र प्रदेश – 531036

  • सड़क मार्ग: विशाखापत्तनम से लगभग 60–65 किमी

  • रेल मार्ग: निकटतम प्रमुख स्टेशन – अनाकापल्ली

  • हवाई मार्ग: विशाखापत्तनम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

स्थानीय परिवहन के साधन आसानी से उपलब्ध हैं।

तीर्थ यात्रा संबंधी सुझाव

  • दर्शन समय और स्थानीय नियमों का पालन करें

  • पर्वों के समय भीड़ की संभावना को ध्यान में रखें

  • मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखें

दान और मंदिर प्रबंधन

मंदिर का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। श्रद्धालु स्वेच्छा से दान कर सकते हैं, जिसका उपयोग मंदिर के रख-रखाव और धार्मिक गतिविधियों के संचालन में किया जाता है। दान को सेवा-भाव और परंपरा के संदर्भ में देखा जाता है।

निष्कर्ष

श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर, चोडावरम क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है। इसकी ऐतिहासिक परंपरा, स्थापत्य शैली और धार्मिक गतिविधियाँ इसे स्थानीय आस्था और संस्कृति का केंद्र बनाती हैं।

अस्वीकरण

यह लेख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं पर आधारित है। इसमें वर्णित मान्यताएँ लोक-आस्था और ग्रंथीय परंपरा का हिस्सा हैं। यह लेख किसी प्रकार के चमत्कार, गारंटी, उपचार, परिणाम या व्यक्तिगत लाभ का दावा नहीं करता।

| श्री गौरी परमेश्वर स्वामी मंदिर | शर्मा जी की यात्रा |

 

इस मंदिर से जुड़ा अनुभव साझा करें:

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.