श्री मोडकोंडम्मा मंदिर, पेडेरू मंडल, आंध्र प्रदेश

परिचय
श्री मोडकोंडम्मा मंदिर आंध्र प्रदेश के पेडेरू मंडल में हरे-भरे पहाड़ी परिवेश के बीच स्थित एक प्रसिद्ध देवी मंदिर है। यह मंदिर स्थानीय ग्रामीणों और जनजातीय समुदायों का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है।
यहाँ देवी मोडकोंडम्मा अम्मावारी को एक शक्तिशाली रक्षक माँ के रूप में पूजा जाता है, जो फसल, परिवार और पूरे समुदाय की रक्षा करती हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण और गहरी आस्था के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
इतिहास और लोककथाएँ
श्री मोडकोंडम्मा मंदिर का इतिहास मुख्य रूप से लोककथाओं और जनश्रुतियों पर आधारित है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित हैं।
मान्यताओं के अनुसार:
देवी ने स्वयं इस क्षेत्र में प्रकट होकर ग्रामीणों की रक्षा की
मंदिर की स्थापना कई शताब्दियों पूर्व मानी जाती है
यह स्थान लंबे समय से जनजातीय परंपराओं और देवी-पूजा का केंद्र रहा है
एक प्रसिद्ध लोककथा में स्वर्ण पात्र (बंगारू चेम्बु) का उल्लेख मिलता है, जिसके माध्यम से देवी ने अपने मंदिर के स्थान का संकेत दिया था। यह कथा स्थानीय यात्रावृतांतों और परंपरागत कथाओं में आज भी प्रचलित है।
धार्मिक महत्व
स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि:
देवी मोडकोंडम्मा के दर्शन से पापों की क्षमा होती है
परिवार की रक्षा और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है
मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं
विशेष रूप से त्यौहारों और जथारा के समय यहाँ दूर-दराज़ के गाँवों से भी भक्त बड़ी संख्या में आते हैं।
वार्षिक उत्सव – मोडकोंडम्मा जथारा
मोडकोंडम्मा जथारा पेडेरू क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक उत्सव है, जो सामान्यतः तीन दिनों तक आयोजित किया जाता है।
इस दौरान:
विशेष पूजा-अर्चना और देवी अनुष्ठान होते हैं
पारंपरिक सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं
जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जाती है
यह जथारा पूरे क्षेत्र में आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक मानी जाती है।
मंदिर परिसर और प्राकृतिक दृश्य
मंदिर परिसर:
घने पहाड़ी वनों से घिरा हुआ है
शांत और प्राकृतिक वातावरण प्रदान करता है
आसपास छोटे जलप्रवाह और प्राकृतिक स्थल स्थित हैं
पास में स्थित मिनुमलुरु जलप्रपात और पहाड़ी घाटियाँ इस क्षेत्र को धार्मिक के साथ-साथ प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी बनाती हैं।
कैसे पहुँचें
नजदीकी कस्बा: पेडेरू
(अल्लूरी सीतारामराजू / विशाखापट्टनम क्षेत्र)
सड़क मार्ग
विशाखापट्टनम और आसपास के शहरों से बस या टैक्सी द्वारा पेडेरू पहुँचा जा सकता है
जथारा के समय साझा जीप और स्थानीय वाहन अधिक उपलब्ध रहते हैं
दर्शन समय और सुविधाएँ
दर्शन समय:
सामान्यतः सुबह और शाम
समय स्थानीय पुजारी व्यवस्था और पर्वों के अनुसार बदल सकता है
सुविधाएँ:
पेडेरू कस्बे में भोजन और ठहरने की मूलभूत सुविधाएँ
जथारा के समय अस्थायी स्टॉल और सेवाएँ उपलब्ध रहती हैं
श्रद्धालुओं के लिए सुझाव
जथारा और त्योहारों के समय भीड़ अधिक हो सकती है
पहाड़ी रास्तों पर विशेष सावधानी रखें
वर्षा ऋतु में रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं
स्थानीय परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें
संबंधित धाम – आंतरिक लिंक
बाहरी उपयोगी लिंक
निष्कर्ष
श्री मोडकोंडम्मा मंदिर, पेडेरू न केवल एक देवी मंदिर है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, जनजातीय आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम भी है।
जो श्रद्धालु शक्ति-उपासना, शांति और प्रकृति के बीच आध्यात्मिक अनुभव चाहते हैं, उनके लिए यह मंदिर एक विशेष तीर्थ स्थल है।