अम्बिका शक्तिपीठ, भरतपुर, राजस्थान

अम्बिका शक्तिपीठ भरतपुर राजस्थान के ऐतिहासिक नगर भरतपुर में स्थित एक प्राचीन और अत्यंत पूजनीय शक्तिपीठ है। यह मंदिर भारतीय संस्कृति और धर्म में विशेष महत्व रखता है और 51 शक्तिपीठों में अपने विशिष्ट स्थान के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ माता अम्बिका देवी की आराधना की जाती है, जिन्हें शक्ति, सुरक्षा और साहस की अधिष्ठात्री माना जाता है।
मंदिर में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु आते हैं और माता की विशेष कृपा प्राप्त करते हैं। विशेषकर नवरात्रि में यहाँ विशाल उत्सव और अनुष्ठान आयोजित होते हैं।
स्थान: भरतपुर, राजस्थान
देवी: माता अम्बिका
भैरव: कपर्दी भैरव
गिरे हुए अंग: दायां कंधा (Right Shoulder)
पौराणिक कथा – Ambika Shakti Peeth Bharatpur
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, राजा दक्ष ने एक यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया। माता सती बिना बुलाए यज्ञ में पहुँचीं और अपने पति भगवान शिव का अपमान होते देखकर यज्ञ-कुंड में कूदकर प्राण त्याग दिए।
इस घटना से अत्यंत क्रोधित होकर भगवान शिव ने माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर तांडव किया। सृष्टि की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता के शरीर को अनेक भागों में विभक्त किया। जहाँ-जहाँ माता का अंग गिरा, वह स्थान शक्ति पीठ कहलाया।
मान्यता है कि भरतपुर का शक्तिपीठ वह स्थल है जहाँ माता सती का दायाँ कंधा गिरा था।
देवी और भैरव – Ambika Shakti Peeth Bharatpur
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| देवी | माता अम्बिका |
| भैरव | कपर्दी भैरव |
| गिरे हुए अंग | दायां कंधा (Right Shoulder) |
| स्थान | भरतपुर, राजस्थान |
धार्मिक महत्व और दर्शन लाभ
अम्बिका शक्तिपीठ को मातृ शक्ति की उपासना का पवित्र केंद्र माना जाता है। यहाँ दर्शन और पूजा करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होने की मान्यता है:
✅ आत्मबल और मानसिक शक्ति में वृद्धि
✅ शत्रु बाधा से मुक्ति
✅ पारिवारिक सुख-शांति
✅ संतान और जीवन की सुरक्षा
मंदिर की विशेषताएँ
राजस्थान का दुर्लभ शक्तिपीठ
माता अम्बिका दुर्गा स्वरूप में पूजित
प्राचीन स्थापत्य कला का अद्भुत दृश्य
नवरात्रि में विशेष पूजन-अनुष्ठान
स्थानीय श्रद्धालुओं का गहरा आस्था केंद्र
अम्बिका शक्तिपीठ भरतपुर कैसे पहुँचें
रेल मार्ग 🚆
निकटतम रेलवे स्टेशन: Bharatpur Junction
रेल मार्ग से भरतपुर पूरे उत्तर भारत से आसानी से जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग 🛣
जयपुर, आगरा और दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँच संभव है।
हवाई मार्ग ✈
निकटतम एयरपोर्ट: Agra Airport / Jaipur Airport
हवाई मार्ग से पहुँचने के बाद सड़क या टैक्सी से भरतपुर पहुँचा जा सकता है।
माता अम्बिका का मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं अम्बिकायै नमः
इस मंत्र का जप करने से माता की कृपा और सुरक्षा प्राप्त होती है।


