अपार्णा भवानीपुर शक्तिपीठ, बांग्लादेश

परिचय
अपार्णा भवानीपुर शक्तिपीठ, बांग्लादेश के सबसे प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह पवित्र स्थल बांग्लादेश के बोगुरा (Bogra) ज़िले में स्थित है, जिसे प्राचीन ग्रंथों में भवानीपुर कहा गया है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं माता सती की बाईं जांघ (Left Thigh / उरु) गिरी थी। इसी कारण यह स्थान शक्ति-साधना, तांत्रिक उपासना और देवी आराधना का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
इस शक्तिपीठ में देवी को “माँ अपार्णा” तथा भैरव को “वरद भैरव” के रूप में पूजा जाता है।
पौराणिक महत्व
(वेद, उपनिषद् और पुराणों के आधार पर)
🔹 देवी भागवत पुराण
देवी भागवत के शक्ति-पर्व में भवानीपुर का स्पष्ट उल्लेख मिलता है, जहाँ माता सती की जांघ (उरु) गिरने की कथा वर्णित है। इस कारण यह स्थल अत्यंत शक्तिशाली और जागृत माना गया है।
🔹 कालिका पुराण
कालिका पुराण में भवानीपुर को देवी अपार्णा के प्राकट्य-स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ देवी साधकों को उग्र-करुणा शक्ति प्रदान करती हैं।
🔹 तंत्र चूड़ामणि
तंत्र चूड़ामणि के अनुसार, इस शक्तिपीठ में देवी का नाम अपार्णा और भैरव का नाम वरद भैरव है।
🔹 कूर्म पुराण
कूर्म पुराण में इस स्थल को सिद्धिपीठ कहा गया है, जहाँ साधना शीघ्र फल प्रदान करती है।
🔹 वामन पुराण
वामन पुराण में भवानीपुर को एक दिव्य शक्ति-क्षेत्र बताया गया है, जहाँ देवी की चेतना सदैव जागृत रहती है।
मंदिर की विशेषताएँ
अपार्णा देवी त्याग, तप और शक्ति की प्रतीक मानी जाती हैं।
अपार्णा स्वरूप वह अवस्था है जब माँ पार्वती ने शिवजी को प्राप्त करने हेतु कठोर तप किया था।
यह स्थल तांत्रिक साधना और नवदुर्गा उपासना का प्रमुख केंद्र है।
शक्तिपीठ करतोया नदी के पावन तट पर स्थित है।
इसे सिद्धिपीठ माना जाता है, जहाँ की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है।
स्थान एवं लोकेशन जानकारी
स्थान: भवानीपुर, बोगुरा ज़िला
देश: बांग्लादेश
नदी: करतोया
निकटतम शहर: बोगुरा, ढाका
शक्तिपीठ से संबंधित तत्व
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| गिरा अंग | देवी सती की बाईं जांघ (Left Thigh / उरु) |
| देवी स्वरूप | माँ अपार्णा / भवानी |
| भैरव | वरद भैरव |
| ऊर्जा | उग्र-करुणा शक्ति, रक्षा शक्ति |
| पीठ प्रकार | सिद्धिपीठ, तांत्रिक शक्तिपीठ |
साधना, अनुष्ठान एवं पूजा परंपराएँ
नवदुर्गा पूजा
चंडी पाठ
महामाया साधना
तांत्रिक उपासना
दीप-पूजन एवं अर्घ्य
करतोया नदी में स्नान
देवी कुंड में अभिषेक
यह शक्तिपीठ साधकों और श्रद्धालुओं — दोनों के लिए अत्यंत पूजनीय माना जाता है।
अपार्णा भवानीपुर शक्तिपीठ कैसे पहुँचें?
✈️ हवाई मार्ग
ढाका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा → बोगुरा → भवानीपुर
🚆 रेल मार्ग
ढाका से बोगुरा तक नियमित ट्रेन सेवाएँ उपलब्ध हैं।
🛣️ सड़क मार्ग
ढाका → सिराजगंज → बोगुरा → भवानीपुर
(राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा)
उपयोगी संदर्भ
विशेष नोट
यह जानकारी विभिन्न पौराणिक ग्रंथों, सार्वजनिक स्रोतों और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर प्रस्तुत की गई है। श्रद्धालुओं से निवेदन है कि यात्रा से पूर्व स्थानीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।


