श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर (जगन्नाथ मंदिर), ओडिशा

श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर, जिसे सामान्यतः जगन्नाथ मंदिर, पुरी कहा जाता है, ओडिशा के पवित्र नगर पुरी में स्थित एक विश्वविख्यात हिंदू मंदिर है।
विशेष रूप से, यह मंदिर भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण), उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा को समर्पित है।
धार्मिक दृष्टि से, यह मंदिर भारत के चार धामों में से एक है और इसे “पूर्व धाम” के नाम से जाना जाता है।
इसी कारण, चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुरी धाम का विशेष महत्व माना जाता है।
श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर का धार्मिक महत्व
आध्यात्मिक रूप से, पुरी को “श्रीक्षेत्र” कहा जाता है।
मान्यता है कि, यह वही पवित्र भूमि है जहाँ भगवान विष्णु अपने भक्तों के साथ सदा निवास करते हैं।
इसके अतिरिक्त, श्री जगन्नाथ जी की पूजा सामान्य मानव स्वरूप में की जाती है, जो यह दर्शाती है कि भगवान सभी भक्तों के लिए सुलभ और समान हैं।
ऐसा विश्वास किया जाता है कि:
यहाँ दर्शन करने से पापों का नाश होता है,
जीवन में आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है,
तथा अंततः मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
पुराणों में उल्लेख (Legend & Religious Significance)
पुराणिक ग्रंथों के अनुसार, श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण और ब्रह्म पुराण में मिलता है।
इन ग्रंथों में कहा गया है कि भगवान जगन्नाथ युगों-युगों तक अपने भक्तों को दर्शन देते रहेंगे।
विशेष रूप से, स्कंद पुराण में पुरी को:
“ऐसा क्षेत्र जहाँ निवास मात्र से भी जीव का उद्धार हो जाता है”
बताया गया है।
मंदिर का इतिहास और वास्तुकला
ऐतिहासिक दृष्टि से, श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर की स्थापना 12वीं शताब्दी में गंग वंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव द्वारा कराई गई थी।
वास्तुकला की दृष्टि से, यह मंदिर कलिंग शैली का एक अद्भुत उदाहरण है।
🔹 वास्तुकला की प्रमुख विशेषताएँ
मंदिर की ऊँचाई लगभग 65 मीटर
शिखर पर स्थापित नील चक्र, जो दूर से भी स्पष्ट दिखाई देता है
विशाल प्रांगण और भव्य संरचना
प्राचीन शिल्पकला और धार्मिक प्रतीक
वास्तव में, यह मंदिर ओडिशा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।
श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर के प्रमुख पर्व
🔸 रथ यात्रा (Major Festival)
सबसे प्रसिद्ध उत्सव, श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर की रथ यात्रा है।
इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विशाल, सुसज्जित रथों में विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं।
मान्यता है कि:
रथ यात्रा में भाग लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है,
तथा भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इसी कारण, देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस उत्सव में सम्मिलित होते हैं।
श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर दर्शन समय
दर्शन समय इस प्रकार है:
प्रातः: 5:00 बजे
रात्रि: 11:00 बजे तक
हालाँकि, विशेष पर्वों और रथ यात्रा के समय दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन संभव है।
श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर का पता
मंदिर का पूरा पता निम्नलिखित है:
श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर / जगन्नाथ मंदिर
ग्रैंड रोड, पुरी,
ओडिशा – 752001, भारत
उपयोगी लिंक (External Links)
निष्कर्ष
निष्कर्षतः, श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, करुणा, समानता और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है।
इसलिए, प्रत्येक श्रद्धालु के लिए जीवन में कम से कम एक बार पुरी धाम और भगवान जगन्नाथ के दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।


