श्री द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर), द्वारका, गुजरात

श्री द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, गुजरात के पावन नगर द्वारका में स्थित भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र हिंदू मंदिर है।
विशेष रूप से, यह मंदिर भारत के चार धामों में से एक है तथा सप्तपुरियों में भी इसका अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
इसके अतिरिक्त, द्वारका का उल्लेख महाभारत, विष्णु पुराण और भागवत पुराण में मिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह स्थल वैदिक काल से ही आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र रहा है।
श्री द्वारकाधीश मंदिर का धार्मिक महत्व
धार्मिक दृष्टि से, श्री द्वारकाधीश मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के राजसी और दिव्य स्वरूप का प्रतीक माना जाता है।
यहाँ भगवान की पूजा “त्रिभुवनसुंदर श्रीकृष्ण” के रूप में की जाती है।
मान्यता है कि:
द्वारकाधीश के दर्शन से पापों का नाश होता है,
जीवन के कष्ट दूर होते हैं,
तथा भक्त को मोक्ष की ओर मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
इसी कारण, चारधाम यात्रा में द्वारका का स्थान अत्यंत अनिवार्य माना गया है।
इतिहास और वास्तुकला
ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, श्री द्वारकाधीश मंदिर का मूल निर्माण भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र वज्रनाभ ने करवाया था।
हालाँकि, वर्तमान भव्य मंदिर संरचना का पुनर्निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया।
वास्तुकला की विशेषताएँ
मंदिर की कुल ऊँचाई लगभग 78 मीटर है
मंदिर का शिखर पाँच मंज़िला है
शिखर पर फहराया जाने वाला विशाल ध्वज प्रतिदिन बदला जाता है
यह ध्वज भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, शक्ति और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है
वास्तुकला की दृष्टि से, यह मंदिर चालुक्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
पुराणों में द्वारका का उल्लेख (Puranic References)
विष्णु पुराण में उल्लेख मिलता है:
“द्वारका वह पवित्र भूमि है जहाँ भगवान विष्णु स्वयं श्रीकृष्ण रूप में प्रकट हुए।”
वहीं, भागवत पुराण में द्वारका को
“मुक्ति प्रदान करने वाला क्षेत्र” बताया गया है।
इसी कारण, यह विश्वास किया जाता है कि श्री द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन मात्र से:
जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं
तथा भक्त को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
श्री द्वारकाधीश मंदिर में पूजा एवं आरती
मंदिर में प्रतिदिन पाँच बार आरती की जाती है।
विशेष पर्वों—जैसे जन्माष्टमी, होली और शरद पूर्णिमा—पर मंदिर को अलौकिक रूप से सजाया जाता है, जिससे इसकी दिव्यता और भी बढ़ जाती है।
श्री द्वारकाधीश मंदिर दर्शन समय
दर्शन समय इस प्रकार है:
प्रातःकाल: 6:00 बजे – 1:00 बजे
सायंकाल: 5:00 बजे – 9:30 बजे
हालाँकि, विशेष पर्वों और त्योहारों के दौरान दर्शन समय में परिवर्तन संभव है।
श्री द्वारकाधीश मंदिर का पता
मंदिर का पूरा पता निम्नलिखित है:
श्री द्वारकाधीश मंदिर / जगत मंदिर
द्वारका, देवभूमि द्वारका जिला,
गुजरात – 361335, भारत
उपयोगी लिंक (Useful Links)
निष्कर्ष
निष्कर्षतः, श्री द्वारकाधीश मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भक्ति, इतिहास, पुराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक चेतना का दिव्य केंद्र है।
इसलिए, प्रत्येक श्रद्धालु के लिए जीवन में कम से कम एक बार द्वारका धाम और द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।


